प्रेमी संग भागी युवती, मां बोली- बाघ उठा ले गया:600 लोग 10 घंटे तक ढूंढते रहे, सीतापुर में नवंबर में शादी होनी थी
सीतापुर में 18 साल की लड़की को बाघ नहीं लेकर भागा, बल्कि वह अपने प्रेमी संग फरार हो गई। गुरुवार को लड़की की मां ने बदनामी के डर से बाघ की झूठी कहानी रची। पुलिस और ग्रामीणों को भरोसा दिलाने के लिए लड़की की मां जमीन पर लेट गई। रोते-रोते बेहोश तक हो गई।
यह देखकर पुलिस और ग्रामीणों को उसकी बातें सच लगीं। बाघ अटैक की घटना को पुलिस और वन विभाग ने गंभीरता से लिया। टीम ने 600 ग्रामीणों के साथ मिलकर लड़की की तलाश की। दो-दो ड्रोन कैमरे उड़ाए गए। 10 घंटे तक जगंलों खेतों में कॉम्बिंग की। लेकिन लड़की का सुराग नहीं लगा।
पुलिस ने शक होने पर मां और उसकी छोटी बेटी को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की। दोनों ने घंटों गुमराह किया। पुलिस की सख्ती पर पहले बेटी फिर उसकी मां टूट गई। इसके बाद दोनों ने लड़की के उसके प्रेमी संग फरार होने की बात पुलिस को खुद बता दी।
पुलिस ने तलाशी के लिए बाघ के पदचिन्हों को ट्रेस करने की कोशिश की।मां बोली थी- बेटी को बाघ ले गया
राठौर पुरवा के रहने वाले रामसरन अपनी दो बेटियों और पत्नी के साथ गांव में ही एक मकान बनाकर रहते हैं। गुरुवार को कामिनी (18) सुबह अपनी मां प्रेमा और बहन दामिनी के साथ खेतों में गई थी।लड़की की मां प्रेमा ने बताया था कि खेत में बाघ पहले से ही छिपा था, जब हम वहां गए तो बाघ ने हमला कर दिया। बेटी को मेरी आंखों के सामने उठा ले गया।
इसके बाद उसने पुलिस और ग्रामीणों को इस घटना की सूचना दी। बाघ अटैक की सूचना पर वन विभाग के 28 लोग गांव पहुंचे। इसके अलावा पुलिस विभाग से सीओ, 5 दरोगा समेत 8 पुलिसकर्मी भी आ गए। 550 से अधिक ग्रामीणों के साथ सर्च अभियान की शुरुआत हुई।
10 किमी एरिया में सर्च अभियान चलाया गया। 2 ड्रोन से सर्चिंग की गई। जाल और पिंजरे लगाए गए। 10 घंटे तक तलाश जारी रही, लेकिन कामिनी का कहीं कुछ पता नहीं चला।
मां ने ही पुलिस और ग्रामीणों को भटकाने के लिए बेटी की चप्पल खेतों में फेंकी थी।नवंबर में तय थी कामिनी की शादी प्रेमा ने बताया कि कामिनी की नवरात्र में सगाई और शादी नवंबर में तय थीं। शादी से पहले बेटी के भाग जाने से समाज में होने वाली बदनामी के डर से उसने बाघ के हमले की झूठी कहानी रची और ग्रामीणों को बताई।
इतना ही नहीं घटना को सही साबित करने और लोगों को यकीन दिलाने के लिए प्रेमा ने कामिनी की चप्पल को खेतों में फेंक दिया। जो पुलिस और वन टीम की जांच के दौरान मिली थी।
लोगों को यकीन दिलाने के लिए मां ने रोने का झूठा नाटक तक किया।पढ़िए, पुलिस जांच में जो सामने आया गुरुवार को 10 घंटे की तलाश के बाद भी जब कामिनी नहीं मिली तो पुलिस ने सीन को रीक्रिएट करने के लिए कामिनी की मां प्रेमा से फिर कड़ाई से पूछताछ की। इस बार वह टूट गईं और पूरी कहानी पुलिस को बता दी।
प्रेमा ने पूछताछ में बताया कि कामिनी बुधवार-गुरुवार की रात घर पर ही सो रही थी। छोटी बेटी दामिनी जब रात में 11 बजे सोकर उठी तो देखा की कामिनी अपने बिस्तर पर नहीं थी। उसने घर में देखा पर वह कहीं नहीं दिखी। दामिनी ने अपने पिता रामसरन और मां प्रेमा को जगाया। उसने बताया कि दीदी घर में नहीं हैं। इसके बाद सभी लोग उसे ढूंढने लगे। लेकिन वह कहीं नहीं मिली।
प्रेमा ने बताया कि कामिनी कई दिनों से मछरेहटा के रहने वाले सनी से बातचीत करती थी। इसके बाद उसने सनी के घर वालों से संपर्क किया तो पता चला कि सनी भी रात से गायब है। दोनों के गायब होने पर प्रेमा को बेटी के भाग जाने की आशंका हुई।
मां की झूठी कहानी पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ड्रोन से तलाश की।




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